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फर्जी सर्टिफिकेट पर बनी नौकरी, 15 साल बाद शिक्षक को जेल
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छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ जांजगीर-चांपा। कूट रचित अंकसूची और फर्जी खेलकूद प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षाकर्मी की नौकरी हासिल करने वाले आरोपी चितरंजन प्रसाद कश्यप को अदालत ने सजा सुनाई है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, जैजैपुर के न्यायिक दंडाधिकारी राजेश खलखो ने आरोपी को धोखाधड़ी और दस्तावेजों की जालसाजी का दोषी ठहराया।
प्रकरण के अनुसार, वर्ष 2007 की हायर सेकेंडरी परीक्षा में आरोपी को 500 में 257 अंक मिले थे और भौतिकी में सप्लीमेंट्री आई थी। लेकिन नौकरी के लिए आवेदन करते समय उसने 405 अंक दर्शाते हुए फर्जी अंकसूची व जाली खेल प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। वर्ष 2018 में शिकायत के बाद जांच में मामला सही पाया गया।
अदालत ने आरोपी को धारा 420 में 2 वर्ष, धारा 467/471 में 3 वर्ष, धारा 468 में 1 वर्ष और धारा 474 में 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।




