महिला दो रोटी बना सकती है तो दो रोटी के लिए कमा भी सकती है” – नंदनी ओंकार साहू
राजिम कुंभ कल्प में संभागीय सरस मेला बना महिला सशक्तिकरण का मंच


(छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़)। राजिम कुंभ कल्प के नवीन मेला मैदान में आयोजित संभागीय सरस मेला इन दिनों महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से महिलाएं अपने हुनर और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी उत्पादों का प्रदर्शन कर आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही हैं।
स्टॉल संचालिकाओं का उत्साहवर्धन करने जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, महिला एवं बाल विकास सभापति नंदनी ओंकार साहू, वन सभापति शिवांगी चतुर्वेदी, जिला पंचायत सदस्य लेखराज धुरवा तथा इंद्रजीत महाडिक उपस्थित रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप ने कहा कि संभागीय सरस मेला केवल आय का साधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी व्यंजनों और परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने इसे नारी सशक्तिकरण की सजीव मिसाल बताया।
महिला एवं बाल विकास सभापति नंदनी ओंकार साहू ने कहा, “मेला अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने का मंच बन गया है। आज की महिला घर में दो रोटी बना सकती है तो दो रोटी के लिए कमा भी सकती है।” उनके इस वक्तव्य से उपस्थित महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया।
इंद्रजीत महाडिक ने बताया कि 12 दिनों में लगभग 7 लाख रुपये की आय अर्जित कर महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में अग्रसर हैं और अब लक्ष्य करोड़पति बनने का है। लेखराज धुरवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं और विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं।

वन सभापति शिवांगी चतुर्वेदी ने कहा कि नारी संगठित होगी तभी सशक्त युग का आगमन होगा। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एवं मेलार्थी उपस्थित रहे।




