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विश्व रक्तदाता दिवस पर गरियाबंद में रक्तदान शिविर एवं रक्तदाता सम्मान समारोह आयोजित

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ फिंगेश्वर—विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून को भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा गरियाबंद एवं समृद्धि ब्लड सेवा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में जिला चिकित्सालय गरियाबंद स्थित ब्लड बैंक में वृहद रक्तदान शिविर एवं रक्तदाता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा गरियाबंद के अध्यक्ष श्री बी.एस. उईके के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चन्द्राकर रहे। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. यू.एस. नवरत्न, जिला चिकित्सालय के पैथोलॉजिस्ट डॉ. विपिन बिहारी एवं जिला रेडक्रॉस अधिकारी रोमन लाल साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं एवं रक्तदाताओं ने पंजीयन कर रक्तदान किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में नियमित एवं प्रेरणादायी रक्तदाताओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।

रक्तदान से नहीं होती कमजोरी : डॉ. नवरत्न

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ महिला एवं पुरुष दोनों रक्तदान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोगों में यह भ्रांति है कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाता है, जबकि यह पूरी तरह गलत है। रक्तदान के लगभग तीन माह के भीतर शरीर में रक्त की पुनः पूर्ति हो जाती है।

उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक में संग्रहित रक्त जरूरतमंद मरीजों, सिकल सेल एवं थैलेसीमिया पीड़ितों तथा दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों के लिए जीवनदायिनी साबित होता है। ऐसे मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर रक्त निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

रेडक्रॉस मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम : रोमन लाल साहू

जिला रेडक्रॉस अधिकारी रोमन लाल साहू ने बताया कि रेडक्रॉस की स्थापना महान मानवतावादी हेनरी ड्यूनाट द्वारा की गई थी। रेडक्रॉस विश्व की सबसे बड़ी मानवीय सेवा संस्था है, जो आपदा, बाढ़, आपातकाल एवं सामान्य परिस्थितियों में भी मानव सेवा का कार्य करती है।

उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस के सात मूल सिद्धांत—मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता एवं सार्वभौमिकता—इसके कार्यों की आधारशिला हैं।

अधिक से अधिक रक्तदान करने का आह्वान

मुख्य अतिथि प्रखर चन्द्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व रक्तदाता दिवस केवल रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज के उन लोगों का सम्मान करने का भी दिन है जो निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर दूसरों को जीवनदान देते हैं। उन्होंने महिलाओं और पुरुषों दोनों से नियमित रूप से रक्तदान कर मानव सेवा में सहभागी बनने की अपील की।

इनका रहा विशेष योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में समृद्धि ब्लड सेवा संस्था के भीम निषाद एवं अंकित जैन, डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, जसवंत गोयल, चम्पेश्वर ध्रुव, मीत कुमार विश्वकर्मा, महेंद्र पटेल, रौनक यादव, राकेश मुर्रा, गोपी कोसे, डेलेश्वर भारद्वाज, हलधर नाग, नारद अगवानी, गजेश्वर पुजारी, डॉ. गरिमा जैन, हरीश भाई ठक्कर, यूसुफ बावनी, तुकाराम साहू सहित ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय गरियाबंद के लालजी साहू एवं सोमेश्वर ठाकुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम की जानकारी जिला मीडिया प्रभारी पूरन लाल साहू द्वारा प्रदान की गई।

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