पाठ्यक्रम में संस्कृत भाषा अनिवार्य करने की घोषणा से शिक्षकों में हर्ष

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़–—राजिम। छत्तीसगढ़ संस्कृत शिक्षक संघ द्वारा चलाए जा रहे “संस्कृत विषय बचाओ अभियान” के तहत प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में शिक्षकों एवं पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात कर संस्कृत विषय को अनिवार्य करने की मांग रखी।
शिक्षा मंत्री द्वारा विधानसभा में संस्कृत को अनिवार्य किए जाने की घोषणा के बाद प्रदेशभर के संस्कृत शिक्षकों में खुशी की लहर है। संघ पदाधिकारियों ने इसे संस्कृत भाषा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
संघ ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं संविधान की आठवीं अनुसूची में संस्कृत भाषा के महत्व को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से मांग की जा रही थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए थे।
संघ पदाधिकारियों ने शासन से जल्द शासकीय आदेश जारी कर कक्षा 6वीं से 10वीं तक संस्कृत विषय को अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और ज्ञान परंपरा की आधारशिला है।




