गौशाला में कथा सुनने पहुंचे गाय और बैल दर्शक हुए भाव विभोर
गौशाला में कथा सुनते समय गाय और बैल ने दिया अनोखा आशीर्वाद, भावुक हुए कथावाचक

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़-– गौसेवा और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का एक भावुक प्रसंग स्थानीय गौशाला में आयोजित कथा के दौरान देखने को मिला। कथावाचक ब्रह्म दत्त शर्मा ने गौशाला की बैठक में सभी के समक्ष यह संकल्प लिया था कि वे अपनी गऊ माता को कथा सुनाएंगे और इसके लिए न तो कोई दक्षिणा लेंगे और न ही कथा की चढ़ोत्तरी स्वीकार करेंगे।
इसी पवित्र संकल्प के साथ उन्होंने गौशाला में कथा प्रारंभ की। कथा के अगले दिन गोपाल यादव ने उन्हें एक तस्वीर भेजी, जिसमें कथा के दौरान एक गाय और एक बैल कथा स्थल के समीप शांत भाव से खड़े दिखाई दे रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पशु पूरे समय वहीं खड़े रहे। उन्होंने न तो कहीं और जाकर चारा खाया और न ही पानी पीने की आवश्यकता महसूस की। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वे भी पूरे मनोयोग और श्रद्धा के साथ कथा श्रवण कर रहे हों।
यह दृश्य देखकर और तस्वीर प्राप्त होने पर बी. डी. शर्मा भावुक हो उठे। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने इसे अपने संकल्प की पूर्णता माना। उन्होंने कहा कि “मुझे लगा कि आज मेरा संकल्प पूरा हो गया। मेरी दक्षिणा मुझे मिल गई। गऊ माता का आशीर्वाद प्राप्त हो गया और मेरा जीवन धन्य हो गया।”
इस प्रेरणादायक घटना ने गौभक्तों और श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह का वातावरण निर्मित कर दिया है। गौशाला परिवार ने अधिक से अधिक लोगों से गौसेवा और गौसंरक्षण के इस पुण्य कार्य से जुड़ने की अपील की है।
“गौ माता की महिमा बढ़े, हमारी गौशाला से सब जुड़े” के संदेश के साथ यह प्रसंग क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।




