गुणवत्ता शिक्षा की ओर सशक्त कदम – विकासखंड स्रोत समन्वयकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

फिंगेश्वर/धमतरी। समग्र शिक्षा के अंतर्गत गुणवत्ता शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जमीनी स्तर पर विकासखंड स्रोत समन्वयकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी उद्देश्य से अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रदेश के 151 विकासखंड स्रोत समन्वयकों का चार चरणों में आयोजित तीन दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम धमतरी में संपन्न हुआ।
द्वितीय चरण में गरियाबंद जिले के तीन विकासखंड स्रोत समन्वयकों सहित 40 बीआरसी इस प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रशिक्षण में एम. सुधीश सर एवं चापेकर सर का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षण गुणवत्ता में सुधार, बाल-केंद्रित शिक्षा पद्धति को बढ़ावा देना तथा विद्यालयी वातावरण को अधिक प्रभावी बनाना था।
🔹 प्रथम दिवस
प्रतिभागियों को नई शिक्षा नीतियों, सीखने के परिणामों तथा कक्षा शिक्षण में नवाचार के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह कार्य एवं मूल्यांकन की नई तकनीकों पर चर्चा की गई।
🔹 द्वितीय दिवस
शिक्षकों को व्यवहारिक अभ्यास कराए गए, जिनमें पाठ योजना निर्माण, बच्चों की समझ का आकलन तथा शिक्षण सामग्री के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विभिन्न शैक्षणिक चुनौतियों के समाधान पर विचार-विमर्श किया।
इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के अंतर्गत मूलभूत चरण में शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही स्कूल नेतृत्व को शिक्षा संस्कृति का चालक बताते हुए समग्र नेतृत्व भूमिका, ब्लॉक मैपिंग एवं एफएलएन उपलब्धि मापन के तरीकों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
🔹 समापन सत्र
समापन दिवस पर प्रशिक्षण का मूल्यांकन किया गया तथा प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई सोच और ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को गति मिलती है।
इस प्रशिक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर एवं जिला मिशन स्रोत समन्वयक शिवेश शुक्ला का विशेष मार्गदर्शन रहा।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रकाश सर, सत्या मैडम, पवन सर एवं दीपा मैडम द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
गरियाबंद जिले से विकासखंड स्रोत समन्वयक सुभाष शर्मा (फिंगेश्वर), छन्नू लाल सिन्हा (गरियाबंद) एवं प्रेम मारकंडेय (छुरा) की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।



