टीईटी अध्यादेश, पुरानी पेंशन और वेतन विसंगति को लेकर शिक्षक संगठनों ने पूर्व मंत्री को सौंपा ज्ञापन
महेश गागड़ा ने त्वरित संज्ञान लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा ज्ञापन, शिक्षक एकता के साथ सांसदों से संपर्क की अपील


छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ — छत्तीसगढ़ के शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता महेश गागड़ा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट तथा भाजपा बीजापुर जिला अध्यक्ष घासीराम नाग को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से टीईटी संबंधी अध्यादेश लाने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने तथा पदोन्नति एवं वेतन विसंगति दूर करने की मांग रखी गई।
सर्व शिक्षक संघ के सह-संचालक कैलाश रामटेके ने बताया कि पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने शिक्षक संगठनों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए ज्ञापन का तत्काल संज्ञान लिया और इसे प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रेषित किया। उन्होंने शिक्षक संगठनों से प्रदेश के सभी सांसदों के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम पत्र एवं ज्ञापन भेजने का आह्वान किया, ताकि टीईटी अध्यादेश की मांग को प्रभावी ढंग से केंद्र तक पहुंचाया जा सके।
ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम वर्ष 2010 से लागू है, इसलिए टीईटी संबंधी प्रावधानों को भी उसी अवधि से प्रभावी किए जाने पर विचार किया जाए। शिक्षक संगठनों ने इसे देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ, सहायक शिक्षक फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने “शिक्षक एकता जिंदाबाद” का संदेश देते हुए संयुक्त संघर्ष को मजबूत करने का संकल्प लिया।




