Uncategorized

राजिम तीर्थ की महिमा से अभिभूत हुए जगद्गुरु स्वामी ज्ञानानंदजी तीर्थ, कहा— “जैसा सुना था, वैसा ही दिव्य पाया”

 

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ राजिम —ज्योतिर्मय पीठ आवंतरभानपुरा (मंदसौर) के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी ज्ञानानंदजी तीर्थ ने राजिम तीर्थ क्षेत्र की प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक महिमा की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पौराणिक महातीर्थ के बारे में उन्होंने जितना😀 सुना था, राजिम पहुंचकर उसे अक्षरशः सत्य पाया। भगवान श्री राजीवलोचन के दिव्य दर्शन तथा कुलेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर उनका मन अत्यंत प्रसन्न एवं भावविभोर हो गया।

ज्ञात हो कि जगद्गुरु स्वामी ज्ञानानंदजी तीर्थ अंचल के सुप्रसिद्ध शदाणी दरबार, नवापारा-राजिम में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे हैं। यह आयोजन शदाणी दरबार की पूज्य माता हांसी देवी के 200वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

राजीवलोचन मंदिर पहुंचने पर सावरकर राजू भाई, मंदिर प्रबंधक पुरुषोत्तम मिश्रा एवं पंडित विजय शर्मा ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मंदिर में रूपेश महाराज ने भगवान श्री राजीवलोचन के दिव्य विग्रह के दर्शन कराते हुए उनकी महिमा का विस्तृत वर्णन किया। वहीं कुलेश्वर महादेव मंदिर में हरीश महाराज ने पूजन एवं दर्शन की व्यवस्था कराई।

जगद्गुरु के साथ स्वामी लक्ष्यश्वरानंदजी तीर्थ, सर्वज्ञ शुक्ला, वीरनारायण दीक्षित, देवेंद्र एवं अनिल कुमार सहित श्रद्धालुओं का दल भी उपस्थित रहा।

नवापारा में पंडित ब्रह्मदत्त शास्त्री एवं रमेश पहाड़िया ने जगद्गुरु का स्वागत करते हुए उन्हें क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों के दर्शन कराए। इस अवसर पर उन्होंने जगद्गुरु से आगामी राजिम कुंभ में पधारकर श्रद्धालुओं को अपने सान्निध्य का लाभ देने का आग्रह भी किया।

जगद्गुरु स्वामी ज्ञानानंदजी तीर्थ के आगमन से राजिम और नवापारा का धार्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय एवं आध्यात्मिक उल्लास से परिपूर्ण हो उठा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!