राजिम कुंभ कल्प 2026 में विज्ञान और अध्यात्म का अनूठा संगम
हजारों श्रद्धालुओं ने टेलीस्कोप से निहारे अंतरिक्ष के रहस्य


(छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़)राजिम— त्रिवेणी संगम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में 13 और 14 फरवरी की शाम आस्था के साथ-साथ वैज्ञानिक चेतना का भी अद्भुत समागम देखने को मिला। स्कूल शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा गरियाबंद के निर्देशन में आयोजित “आकाश दर्शन” कार्यक्रम ने हजारों श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और युवाओं को ब्रह्मांड के रहस्यों से रूबरू कराया।
अटल टिंकरिंग लैब कौन्दकेरा की जिला नोडल प्रभारी मीनाक्षी शर्मा के संयोजन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में अत्याधुनिक टेलीस्कोप के माध्यम से प्रतिभागियों ने बृहस्पति ग्रह तथा उसके चमकते चंद्रमाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। कई विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था जब उन्होंने पुस्तकों में पढ़े गए ग्रहों को वास्तविक रूप में देखा। इस खगोलीय दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को आश्चर्य और रोमांच से भर दिया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में व्याख्याता सतीश मालवीय, ज्ञानेंद्र शर्मा और रितेश पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं पीएमश्री सेजेस बसना, महासमुंद के एस्ट्रोनॉमी लैब प्रभारी व्याख्याता अजय कुमार भोई ने खगोल विज्ञान से जुड़ी वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक जानकारियाँ साझा कर दर्शकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। तकनीकी सहयोग पदमन वैष्णव और सचिन प्रधान ने प्रदान किया।

इस आयोजन का उद्देश्य जन-मानस में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना तथा अंधविश्वासों से परे अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जागृत करना था। श्रद्धालुओं ने कहा कि त्रिवेणी संगम में स्नान के साथ आकाश दर्शन का अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय रहा।
कार्यक्रम में गरियाबंद कलेक्टर भगवानदास उईके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, एसपी वेदव्रत सिरमौर, एसडीएम विशाल महाराणा सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, विद्यार्थी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे विज्ञान और अध्यात्म के संतुलित समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
राजिम कुंभ के आध्यात्मिक वातावरण में विज्ञान के इस समावेश ने यह संदेश दिया कि धर्म और विज्ञान परस्पर विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं—जहाँ आस्था आत्मा को ऊँचाई देती है, वहीं विज्ञान बुद्धि को विस्तार प्रदान करता है।




