कौन्दकेरा के शिक्षकों की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी गूंज


बिरसा मुंडा राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान समारोह में देशभर के शिक्षकों ने ली महा-जल प्रतिज्ञा
छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ राजिम/गरियाबंद —- जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कौन्दकेरा के व्याख्याता मीनाक्षी शर्मा एवं सतीश मालवीय द्वारा संचालित जल जीवन अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली एवं भगवान चम्पेश्वरनाथ की पावन नगरी चंपारण में आयोजित बिरसा मुंडा राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान समारोह में इस अभियान को विशेष सराहना मिली। कार्यक्रम में देश के लगभग 20 राज्यों से आए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एवं नवाचारी शिक्षकों ने जल संरक्षण के प्रति सामूहिक रूप से महा-जल प्रतिज्ञा ली।
समारोह के विशेष सत्र में व्याख्याता मीनाक्षी शर्मा ने जल जीवन अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों, नवाचारों एवं सफल केस स्टडीज का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने कहा कि “एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि समाज की चेतना का निर्माण भी करता है। यदि आज हम बच्चों को पानी बचाना नहीं सिखाएंगे तो आने वाला भविष्य प्यासा रह जाएगा।”
उनकी इस प्रेरक अपील का उपस्थित शिक्षकों पर गहरा प्रभाव पड़ा। सभी शिक्षकों ने खड़े होकर हाथ आगे बढ़ाते हुए जल संरक्षण की शपथ ली और संकल्प व्यक्त किया कि वे अपने-अपने राज्यों एवं विद्यालयों में लौटकर बच्चों और समुदाय के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचाएंगे। शिक्षकों ने अपने विद्यालयों को वॉटर-स्मार्ट स्कूल बनाने की दिशा में कार्य करने का भी संकल्प लिया।
कौन्दकेरा के दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि पर पूरे अंचल एवं शिक्षा जगत में हर्ष का वातावरण है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कौन्दकेरा के शाला परिवार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
कार्यक्रम में उपस्थित जिला मिशन समन्वयक शिवेश शुक्ला ने कहा कि “मीनाक्षी शर्मा एवं सतीश मालवीय का यह भागीरथ प्रयास केवल गरियाबंद जिले ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अनुकरणीय है।”
शिक्षा सागर फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक शैलेष भाई प्रजापति ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की पावन स्मृति में देशभर के शिक्षकों द्वारा लिया गया यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए जल-सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।
वहीं फाउंडेशन की छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजिका एवं कार्यक्रम प्रभारी गायत्री मिश्रा ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
समारोह में डीएमसी शिवेश शुक्ला, एपीसी मनोज केला, थॉमस विल्सन, पूरन लाल साहू, ईश्वर दास गिलहरे, संतोष साहू, बलदाऊ सिंह श्याम सहित विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय स्तर के प्रेरक शिक्षक एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।




