ज्ञान दीप शिशु विद्या मंदिर में गायत्री दीक्षा एवं विद्यारंभ संस्कार का प्रेरक आयोजन

नवापारा राजिम—–ज्ञान दीप शिशु विद्या मंदिर में गायत्री परिवार के तत्वावधान में गायत्री दीक्षा एवं विद्यारंभ संस्कार का प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आदरणीय आनंद श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं, गुरुजनों एवं उपस्थित अभिभावकों को विद्यारंभ संस्कार के महत्व और संस्कारयुक्त शिक्षा की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि विद्यारंभ केवल पढ़ाई की शुरुआत नहीं, बल्कि ज्ञान, चरित्र, अनुशासन और संस्कारपूर्ण जीवन का शुभारंभ है। शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह व्यक्ति के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करे।
अपने उद्बोधन में उन्होंने प्रेरक प्रसंगों, आत्मकथाओं एवं शिक्षाप्रद कहानियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन के आठ प्रमुख संकल्प अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने प्रतिदिन अध्ययन एवं स्वाध्याय, माता-पिता और गुरुजनों के सम्मान, बुरी आदतों के त्याग, सत्य, ईमानदारी एवं अनुशासन के पालन, समय के सदुपयोग, माँ सरस्वती की कृपा से ज्ञानवान एवं संस्कारवान बनने तथा राष्ट्रप्रेम, सेवा और मानवता की भावना को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि गायत्री दीक्षा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, व्यक्तित्व निर्माण और श्रेष्ठ जीवन जीने का संकल्प है। सच्चा विद्यार्थी वही है, जो ज्ञान के साथ विनम्रता, सेवा और सदाचार को भी अपने जीवन का आधार बनाता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने श्रेष्ठ नागरिक बनने, अपने विद्यालय, परिवार और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने तथा माँ भारती की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण गायत्री मंत्र एवं प्रेरणादायी संदेशों से आध्यात्मिक और संस्कारमय बना रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सहयोग प्रदान करने वाले शिक्षकों में चेतन चौहान सुनील कंसारी पूर्णिमा पाल तारिणी साहू गीतांजलि पुरुषोत्तम यादव पुखराज साहू माधवी पायल एवं कावेरी निषाद सहित सभी शिक्षकों ने अपना योगदान दिया




