युवा संसद से विद्यार्थियों में विकसित होती है नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक समझ
विकासखंड स्तरीय युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़-– विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास करने के उद्देश्य से शासकीय ठाकुर दलगंजन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फिंगेश्वर में विकासखंड स्तरीय युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर संसदीय कार्यप्रणाली को समझा तथा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए मास्टर ट्रेनर सतीश मालवीय ने बताया कि युवा संसद कार्यक्रम विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को जनप्रतिनिधियों की भूमिका, जनसमस्याओं पर चर्चा तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था समझने का अवसर
इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी हेमंत साहू ने कहा कि युवा संसद विद्यार्थियों को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय कार्यप्रणाली को समझने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक और देश के भावी नेतृत्वकर्ता हैं। इसलिए विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संसदीय परंपराओं से परिचित कराना आवश्यक है।
विकासखंड स्रोत समन्वयक सुभाष शर्मा ने कहा कि युवा संसद विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। इससे बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं मिलता, बल्कि व्यावहारिक जीवन में संवाद करने, समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने की कला भी सीखने को मिलती है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, तर्क के साथ अपनी बात रखने तथा दूसरों के विचारों का सम्मान करने की आदत विकसित करता है।
आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल को मिलता है बढ़ावा
विद्यालय की प्राचार्य वंदना अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञानवान बनाने के साथ-साथ उनमें अच्छे संस्कार, जिम्मेदारी की भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। युवा संसद विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा मंच पर निर्भीक होकर विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है।
व्याख्याता पूरन लाल साहू ने कहा कि युवा संसद विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को सामने लाने और उन्हें लोकतंत्र की वास्तविक भावना से परिचित कराने का सशक्त माध्यम है। जब विद्यार्थी सदन की कार्यवाही में भाग लेते हैं, प्रश्न पूछते हैं और विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करते हैं, तब उनमें आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल का विकास होता है। उन्होंने कहा कि जागरूक, अनुशासित और संवेदनशील युवा ही सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में व्याख्याता माधव देवांगन, अंजना श्रीवास, अमित साहू, महेश्वरी मंडल एवं चंद्रहास साहू सहित सेजेस फिंगेश्वर, हायर सेकेंडरी स्कूल कौदकेरा, देवी संपद स्कूल राजिम, ठाकुर दलगंजन विद्यालय फिंगेश्वर, भसेरा, बिजली एवं टेका विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका को समझने का अवसर मिला। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में नेतृत्व, संवाद, तर्क एवं विचारों की प्रभावी अभिव्यक्ति जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों के विकास पर जोर दिया।




