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राज्य कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: सरकार ने जारी की निजी अस्पतालों की नई सूची, प्रदेश के 86 और बाहर के 66 अस्पतालों में मिलेगा इलाज

 

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़—-रायपुर, 13 मई 2026। राज्य शासन ने प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रित परिवारजनों को बड़ी राहत देते हुए उपचार के लिए सूचीबद्ध निजी अस्पतालों की नई सूची जारी कर दी है। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राज्य के भीतर 86 निजी अस्पतालों तथा राज्य के बाहर 66 प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और सुगम बनाने के उद्देश्य से जारी इस सूची में सुपर स्पेशियलिटी, मल्टीस्पेशियलिटी एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस अस्पतालों को शामिल किया गया है। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।

सरकार के इस निर्णय से विशेष रूप से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जिन्हें हार्ट, किडनी, कैंसर, न्यूरो, ऑर्थोपेडिक तथा अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। अब सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के दौरान निर्धारित नियमों के तहत चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं कैशलेस सुविधा का लाभ भी मिल सकेगा।

राज्य शासन द्वारा जारी सूची में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़, कोरबा, जगदलपुर और अंबिकापुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों के निजी अस्पतालों को शामिल किया गया है। वहीं राज्य के बाहर दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, नागपुर, भोपाल, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों के नामी अस्पतालों को भी सूचीबद्ध किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार सूचीबद्ध अस्पतालों का चयन उपचार की गुणवत्ता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, आधुनिक उपकरणों एवं मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार समय-समय पर अस्पतालों की समीक्षा भी करेगी ताकि कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलती रहें।

राज्य कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक राहत मिलेगी। लंबे समय से अस्पतालों की सूची के अद्यतन होने की मांग की जा रही थी, जिसे अब शासन ने पूरा किया है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के लिए निर्धारित प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों का पालन करना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों को उपचार से पहले सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेने की प्रक्रिया का भी पालन करना होगा, विशेषकर राज्य के बाहर इलाज कराने की स्थिति में।

सरकार द्वारा जारी नई सूची को लेकर कर्मचारियों और पेंशनरों में उत्साह देखा जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आने वाली परेशानियां काफी हद तक कम होंगी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकेंगी।

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