डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की तीनों पावर कंपनियों के प्रबंध निदेशकों से द्विपक्षीय वार्ता, 10 सूत्रीय मांगों पर हुई चर्चा
पदोन्नति कोटा बढ़ाने पर प्रबंधन का आश्वासन, समिति गठित

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ — छत्तीसगढ़ स्टेट पावर की तीनों कंपनियों के प्रबंध निदेशकों एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के बीच गुरुवार को रायपुर मे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में संघ की लंबित 10 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संघ की प्रमुख मांग सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति का कोटा पूर्ववत 70 प्रतिशत करने की रही। प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर श्रीकांत बड़गैंया ने प्रबंधन के समक्ष कहा कि पदोन्नति कोटा 70 से घटाकर 40 प्रतिशत किए जाने से कनिष्ठ अभियंताओं की पदोन्नति प्रभावित हुई है। संघ के अनुसार कई कनिष्ठ अभियंता 13 से 17 वर्षों से सेवा में हैं, जबकि वर्तमान व्यवस्था में सहायक अभियंता बनने में उन्हें लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
प्रबंधन ने बताया कि इस विषय पर 24 सितंबर 2026 को समिति का गठन किया गया है, जो एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। संघ के प्रतिनिधियों का पक्ष समिति के समक्ष सुनने पर भी प्रबंधन ने सहमति जताई। संघ ने रिपोर्ट आने तक पूर्व व्यवस्था के अनुसार 70 प्रतिशत पदोन्नति कोटा लागू करने की मांग रखी।
वार्ता में पुरानी पेंशन योजना, लंबित पदोन्नति, विभागीय परीक्षा के रिक्त पदों पर भर्ती, सी-ऑफ भुगतान, उच्च वेतनमान पर वेतन वृद्धि, डीसी वर्किंग प्रणाली, लंबित भत्तों के पुनरीक्षण, सहायक अभियंता की सीधी भर्ती में कनिष्ठ अभियंताओं को 15 प्रतिशत आरक्षण, तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती तथा PLF इंसेंटिव पुनः शुरू करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रबंधन ने कई मांगों पर परीक्षण एवं शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया।




