राजिम कुंभ में ‘खगोलीय दर्शन’: 13-14 फरवरी को टेलीस्कोप से दिखेंगे शनि के छल्ले और बृहस्पति

(छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ नवापारा राजिम)– धर्मनगरी प्रयाग राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 इस बार आध्यात्मिकता के साथ-साथ वैज्ञानिक चेतना का भी अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग (समग्र शिक्षा) एवं अटल टिंकरिंग लैब कौन्दकेरा, गरियाबंद की पहल पर 13 एवं 14 फरवरी को शाम 6:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक नवीन मेला परिसर स्थित विभागीय प्रदर्शनी स्टाल के समीप ‘कॉस्मिक दर्शन’ (आकाशीय दर्शन) कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस विशेष आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं, खासकर युवाओं एवं स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं में ग्रहों, नक्षत्रों और खगोल विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी उच्च क्षमता वाले अत्याधुनिक टेलीस्कोप के माध्यम से शनि के छल्ले, बृहस्पति एवं उसके चंद्रमा सहित आकाशगंगा के अद्भुत दृश्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकेंगे। इसके लिए पीएम श्री सेजेस बसना (महासमुंद) और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद से विशेष टेलीस्कोप लाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की संयोजिका एवं जिला नोडल अटल टिंकरिंग लैब मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि आयोजन में ‘नक्षत्र कथा’ भी होगी, जिसमें वैज्ञानिक तथ्यों के साथ भारतीय संस्कृति और नक्षत्रों से जुड़ी रोचक जानकारियां व सवाल-जवाब शामिल रहेंगे। इससे विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय को समझने का अवसर मिलेगा।
खगोल विज्ञान विशेषज्ञ एवं भौतिकी व्याख्याता बी.एन. योगी (एटीएल प्रभारी) तथा अजय कुमार भोई (प्रभारी, एस्ट्रोनॉमी लैब, बसना) उपस्थित रहकर अंतरिक्ष की बारीकियों से अवगत कराएंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, जिला मिशन समन्वयक शिवेश शुक्ला, जिला परियोजना अधिकारी बुद्ध विलास सिंह, प्राचार्य एम.आर. रात्रे, सहायक जिला नोडल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ज्ञानेंद्र शर्मा सहित अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं से इस अनूठी ‘आकाशीय यात्रा’ का हिस्सा बनने की अपील की है।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक ओपन-एयर क्लासरूम की तरह होगा, जहां वे किताबों में पढ़े ग्रह-नक्षत्रों को साक्षात देख सकेंगे।



