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छत्तीसगढ़ में व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नौकरी पर संकट, PCC चीफ से लगाई गुहार; समग्र शिक्षा ने दी सफाई

 

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ —— प्रदेश में वर्ष 2014-15 से संचालित व्यावसायिक शिक्षा में कार्यरत प्रशिक्षकों (Vocational Trainers) की नौकरी पर री-टेंडरिंग (Re-tendering) प्रक्रिया के कारण अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र में वोकेशनल ट्रेनिंग प्रदाता (VTP) बदलने से वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे सैकड़ों प्रशिक्षकों की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

शिक्षकों के मुख्य आरोप और समस्याएं

मानदेय में कटौती: पिछले 10 वर्षों से कार्यरत करीब 121 प्रशिक्षकों का मानदेय 23 हजार रुपये से घटाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है।बकाया वेतन: नए और 121 स्थानांतरित प्रशिक्षकों को मई और जून महीने का वेतन नहीं मिला है, जबकि इस अवधि में उन्होंने विभागीय कार्य पूरा किया है।

 

PAB रिपोर्ट का लाभ नहीं: प्रशिक्षकों का दावा है कि PAB रिपोर्ट में 23 हजार रुपये मानदेय स्वीकृत होने के बावजूद उन्हें यह लाभ नहीं दिया जा रहा है।

 

नौकरी से निकाले जाने का डर: पूर्व में मौखिक रूप से सेवा विस्तार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब एजेंसी की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।

 

प्रशिक्षकों की प्रमुख मांगें

VTP (एजेंसी) बदलने पर भी वर्तमान में कार्यरत सभी प्रशिक्षकों की सेवाएं निरंतर रखी जाएं।

नए और स्थानांतरित प्रशिक्षकों को मई एवं जून माह का पूरा बकाया वेतन जारी किया जाए।

121 प्रशिक्षकों का मानदेय पुनः 23 हजार रुपये बहाल किया जाए।

PAB के अनुसार स्वीकृत मानदेय व अन्य लाभ प्रदान किए जाएं।

व्यावसायिक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए एक स्थायी व स्पष्ट नीति बनाई जाए।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “सरकार रोजगार देने में असमर्थ रही है और जो लोग पहले से कार्यरत हैं, उन्हें भी नौकरी से निकाला जा रहा है। कांग्रेस पार्टी इन शिक्षकों की मांग और उनके पक्ष को हर स्तर पर मजबूती से उठाएगी।”

 

समग्र शिक्षा का रुख: केवल एक सत्र के लिए हुई थी भर्ती

समग्र शिक्षा की आयुक्त किरण कौशल ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि ये शिक्षक समग्र शिक्षा के सीधे कर्मचारी नहीं हैं। इनकी नियुक्ति निजी एजेंसी के माध्यम से केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए की गई थी, जो पहले से तय था।

 

उन्होंने आगे कहा:यदि किसी एजेंसी द्वारा वेतन रोका गया है, तो बकाया भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के एक्सटेंशन (सेवा विस्तार) का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजा गया है।नया टेंडर जारी कर दिया गया है और नई चयनित एजेंसी चाहे तो इन्हीं अनुभवी शिक्षकों को पुनः नियुक्त कर सकती है।

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