श्रीराम स्मृति उपवन के लिए दो हेक्टेयर भूमि चिन्हांकित, फेंसिंग व सफाई अभियान शुरू
पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षण का लिया संकल्प, पर्यावरण संरक्षण के प्रति ग्रामीणों ने दिखाई प्रतिबद्धता

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ नवापारा राजिम पर्यावरण संरक्षण एवं ग्राम को हराभरा बनाने की दिशा में अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं ग्राम बेलटुकरी के समस्त ग्रामवासियों द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। व्यापक वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण के उद्देश्य से 8 सितंबर 2026 को ग्राम बेलटुकरी में श्रीराम स्मृति उपवन के लिए भूमि का चिन्हांकन किया गया। इस अवसर पर उपवन स्थल पर फेंसिंग कार्य एवं सफाई अभियान की शुरुआत भी की गई।
श्रीराम स्मृति उपवन की परिकल्पना ऐसी जगह के रूप में की गई है, जहां लोग अपने पूर्वजों की स्मृति, जन्मदिन, विवाह एवं अन्य विशेष अवसरों पर पौधारोपण कर सकेंगे। ग्राम पंचायत बेलटुकरी द्वारा प्रस्ताव पारित कर दो हेक्टेयर भूमि पौधारोपण एवं गार्डन निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई है। यहां लगाए जाने वाले पौधों को वृक्ष बनने तक सुनियोजित तरीके से संरक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम में ग्राम सरपंच पुरानीक साहू, पटवारी छत्राणी वर्मा, जिला समन्वयक टीकम राम साहू, प्रांत पर्यावरण आंदोलन प्रभारी पूरन लाल साहू शिक्षक, इकाई प्रमुख श्रवण कुमार साहू, प्रज्ञा मंडल प्रमुख ठाकुर राम साहू, युवा संगठन एवं योग प्रभारी भानुप्रताप साहू सहित ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पर्यावरण आंदोलन प्रभारी पूरन लाल साहू ने कहा कि पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। केवल पौधारोपण कर जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती, बल्कि पौधे को वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल और सुरक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
जिला समन्वयक टीकम राम साहू ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में अनेक लोगों को छाया, फल एवं प्राणवायु प्रदान करेगा। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
श्रीराम स्मृति उपवन के विकसित होने के बाद यहां बच्चों, किशोरों एवं युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने की योजना है। ग्रामीणों ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उपवन के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।




