Welcome to CG PRAYAGRAJ NEWS   Click to listen highlighted text! Welcome to CG PRAYAGRAJ NEWS
Uncategorized

प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा टीम छत्तीसगढ़ द्वारा रायपुर में शैक्षणिक भ्रमण संपन्न, विद्यार्थियों ने विज्ञान व संस्कृति को जाना करीब से

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़नवापारा राजिम :– प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा टीम छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में बस्तर संभाग संयोजक के मार्गदर्शन में बस्तर जिले के विद्यार्थियों का रायपुर एवं नया रायपुर के प्रमुख शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति, विज्ञान, पर्यावरण एवं स्थानीय संस्कृति के प्रति व्यावहारिक और अनुभवात्मक ज्ञान प्रदान करना रहा।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ विज्ञान केंद्र, रायपुर का अवलोकन किया, जहां विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल, उपकरणों एवं प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों को सरल और रोचक तरीके से समझा। इसके पश्चात जंगल सफारी, रायपुर में वन्यजीवों एवं जैव विविधता को करीब से देखकर संरक्षण के महत्व को जाना।
विद्यार्थियों ने नया रायपुर स्थित जनजाति संग्रहालय में आदिवासी जीवनशैली, परंपराओं एवं प्रकृति से उनके गहरे संबंध को समझा। वहीं पुरखौती मुक्तांगन में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, कला एवं ग्रामीण जीवन की जीवंत झलक ने सभी को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नया रायपुर का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने आधुनिक खेल सुविधाओं एवं अधोसंरचना की जानकारी प्राप्त की। नया रायपुर की सुव्यवस्थित शहरी संरचना एवं औद्योगिक विकास को देखकर बच्चों ने आधुनिक शहर नियोजन और पर्यावरण संतुलन के महत्व को समझा।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने रायपुर शहर के प्रमुख स्थल—घड़ी चौक, जय स्तंभ चौक, पचपेड़ी नाका, तेलीबांधा क्षेत्र, डी.के.एस. अस्पताल एवं राम मंदिर का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें शहर के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहलुओं की जानकारी मिली।
इस शैक्षणिक भ्रमण में विज्ञान संचारक मनीष कुमार अहीर, लखन लाल साहू, भुनेश्वर मरकाम, मुरलीधर पटेल एवं पूरन लाल साहू सहित बस्तर जिले के अनेक विद्यार्थी शामिल हुए। सभी के सहयोग से यह आयोजन सफल रहा।
प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा टीम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति संवेदनशील बनाना है।
इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक जीवन में सीखने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उनकी जिज्ञासा, समझ एवं रचनात्मक सोच को नई दिशा मिली।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!