वट सावित्री व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया, सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु की कामना की


छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़नवापारा-राजिम– ज्येष्ठ अमावस्या के पावन अवसर पर नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वट सावित्री व्रत श्रद्धा, भक्ति एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की।
प्रातःकाल से ही मंदिरों एवं वट वृक्षों के आसपास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाओं ने नए वस्त्र धारण कर पूजा की थाली सजाई तथा वट वृक्ष की परिक्रमा कर कच्चा धागा बांधते हुए व्रत कथा का श्रवण किया। इस दौरान सावित्री और सत्यवान की कथा सुनकर महिलाओं ने अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
नगर के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक वातावरण बना रहा। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा एवं कथा कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता निभाई। व्रत को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल रही। पूजन सामग्री, फल, मिठाई एवं श्रृंगार सामग्री की दुकानों में दिनभर भीड़ लगी रही।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट सावित्री व्रत भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण एवं विश्वास का प्रतीक माना जाता है। महिलाओं ने पूरे दिन उपवास रखकर परिवार की मंगलकामना की तथा शाम को पूजा-पाठ के बाद व्रत का पारण किया।




