75 भाइयों और 15 बहनों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान, मानव सेवा का दिया प्रेरक संदेश

निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में 90 यूनिट रक्त संग्रह
छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़—नवापारा-राजिम मानव सेवा, परोपकार औरसंत जनकल्याण की भावना को साकार करते हुए संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा रविवार को नवापारा-राजिम में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन संयोजक गांधी सचदेव के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें संत निरंकारी मिशन के श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया।

शिविर में सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। कुल 90 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसमें 75 भाइयों एवं 15 बहनों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने के इस पुनीत अभियान में अपनी भागीदारी निभाई।

रक्तदान शिविर के दौरान चिकित्सकों की टीम ने सभी रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया। स्वयंसेवकों ने पंजीयन, स्वास्थ्य जांच, रक्तदान एवं रक्तदाताओं की देखभाल सहित सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया, जिससे पूरा शिविर अनुशासित एवं सफल रहा।
शिविर संयोजक गांधी सचदेव ने कहा कि “रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए, ताकि अस्पतालों में रक्त की कमी न हो और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।”
उन्होंने रक्तदान करने वाले सभी दानदाताओं, चिकित्सकीय दल, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन लगातार मानव सेवा के विभिन्न कार्यों के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और भाईचारे का संदेश देने का कार्य कर रहा है।
रक्तदान शिविर में उपस्थित लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हैं और दूसरों की जान बचाने की प्रेरणा देते हैं।
यह रक्तदान शिविर न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होगा, बल्कि समाज में मानवता, सेवा, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी मजबूत करने वाला प्रेरणादायक आयोजन रहा।





