नाग पंचमी पर विद्यार्थियों ने दिया प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ —शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजली में नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा, आस्था एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने नाग देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रकृति तथा जीव-जंतुओं के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान व्याख्याता पूरन लाल साहू ने विद्यार्थियों को नाग पंचमी पर्व के धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नाग देवता को पूजनीय स्थान प्राप्त है। नाग पंचमी केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और समस्त जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान एवं संवेदना रखने की प्रेरणा देने वाला पर्व भी है।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति सदैव प्रकृति के संरक्षण और सभी जीवों के प्रति करुणा का संदेश देती रही है। सांप हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विशेष रूप से खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों एवं अन्य कृंतकों की संख्या को नियंत्रित करने में सांपों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए सांपों को अनावश्यक रूप से नुकसान पहुंचाने के बजाय उनके संरक्षण के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जैव विविधता की रक्षा के लिए वन्यजीवों और प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। नाग पंचमी का पर्व इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है।
इस अवसर पर विद्यालय के व्याख्याता दिनेश कुमार साहू, नरेंद्र कुमार वर्मा, योगेश सोनकर, रेखा सोनी, गीतांजलि नेताम, सत्या मिश्रा, नकुल राम साहू, क्लर्क दुष्यंत साहू, अविनाश साहू, तोमन साहू एवं भृत्य आकाश सूर्यवंशी सहित विद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा एवं जिम्मेदारी का संदेश दिया।




