महानदी तट पर आस्था, संस्कृति और भक्ति का अद्भुत संगम, गंगा आरती से आलोकित हुआ राजिम
महानदी तट पर आस्था, संस्कृति और भक्ति का अद्भुत संगम, गंगा आरती से आलोकित हुआ राजिम आरु साहू के छत्तीसगढ़ी लोकगीतों ने बांधा समां, सात पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ त्रिवेणी संगम

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ नवापारा राजिम, छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी राजिम में शुक्रवार की संध्या आस्था, अध्यात्म और लोक संस्कृति के नाम रही। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पवित्र त्रिवेणी संगम स्थित महानदी तट पर भव्य महानदी गंगा आरती एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। दीपों की सुनहरी आभा, वैदिक मंत्रों की गूंज और भक्तिमय वातावरण ने महानदी के पावन तट को आध्यात्मिक चेतना से आलोकित कर दिया। वहीं, सुप्रसिद्ध युवा लोक कलाकार आरु साहू की छत्तीसगढ़ी लोक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में सात पुरोहितों ने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महानदी की आरती संपन्न कराई। आरती के दौरान धूप, दीप और मंत्रों की स्वर लहरियों से त्रिवेणी संगम का वातावरण श्रद्धा एवं भक्ति से सराबोर हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आरती में सहभागी बनकर महानदी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
इस अवसर पर राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका राजिम के अध्यक्ष महेश यादव, नगर पंचायत कोपरा के अध्यक्ष रूपनारायण साहू, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कलेक्टर रणबीर शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, एसडीएम विशाल महाराणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने आयोजन में सहभागिता की।

आरु साहू की प्रस्तुति ने बिखेरे लोक संस्कृति के रंग
गंगा आरती के पश्चात आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ की युवा लोक कलाकार आरु साहू ने अपनी टीम के साथ मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनके भक्तिमय छत्तीसगढ़ी लोकगीतों ने श्रोताओं के हृदय में उत्साह और उल्लास का संचार किया। लोक संगीत की मधुर धुनों पर दर्शक झूम उठे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की मनोहारी झलक देखने को मिली।
स्वच्छता और जल संरक्षण का दिया संदेश
इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ नदी संरक्षण, घाटों की स्वच्छता और जल स्रोतों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना भी रहा। कार्यक्रम से पूर्व महानदी तट एवं घाट क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। नागरिकों को नदियों में कचरा एवं प्लास्टिक नहीं डालने तथा जल संपदा को संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह आयोजन जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरणादायी उदाहरण बना। महानदी के तट पर सजी भक्ति की यह अविस्मरणीय संध्या राजिम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक उज्ज्वल कर गई।



