पंडवानी की अमर स्वर-साधिका तीजन बाई को नवापारा-राजिम की भावभीनी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़–— छत्तीसगढ़ की लोककला पंडवानी को विश्वभर में पहचान दिलाने वाली तीजन बाई के निधन पर नवापारा-राजिम में शोक की लहर है। सामाजिक संस्था त्रिवेणी के संस्थापक ब्रह्मदत्त शास्त्री ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका निधन छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में तीजन बाई, फूल बासन बाई यादव और शमशाद बेगम को एक मंच पर आमंत्रित कर केवल बेटियों के माता-पिता का सम्मान कराया गया था। इस आयोजन की तीजन बाई ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया था।
नगर के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने कहा कि तीजन बाई अपनी ओजस्वी पंडवानी शैली और सहज व्यक्तित्व के कारण सदैव स्मरणीय रहेंगी। विभिन्न संस्थाओं ने भी उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि लोककला के इतिहास में उनका योगदान सदैव अमर रहेगा।




