छत्तीसगढ़

गायत्री शक्तिपीठ नवापारा में बाल संस्कार शाला का शुभारंभ, बच्चों को सिखाए योग, प्राणायाम और गायत्री मंत्र

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ नवापारा-राजिम—–गायत्री शक्तिपीठ नवापारा में बाल संस्कार शाला का शुभारंभ उत्साह, उमंग एवं आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में संस्कार, सद्विचार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम और जागरूकता विकसित करना है।

शुभारंभ अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी की गरिमामयी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। वहीं गायत्री परिवार की कर्मठ कार्यकर्ता रुखमणि बंछोर दीदी ने बच्चों एवं उपस्थितजनों का मार्गदर्शन करते हुए बाल संस्कार शाला के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को योगाभ्यास, प्राणायाम, ध्यान एवं गायत्री मंत्र का जप कराया गया। इसके साथ ही बच्चों को प्रेरणादायक एवं नैतिक शिक्षा देने वाली कहानियां सुनाई गईं। गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अनुशासन, सदाचार, आत्मविश्वास, सेवा भावना तथा अच्छे संस्कारों के महत्व को सहज एवं रोचक ढंग से समझाया गया।

आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों का ज्ञान भी आवश्यक है। बाल संस्कार शाला के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सार्थक प्रयास किया जाएगा। यहां बच्चों को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चिंतन और जीवन मूल्यों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में बाल संस्कार शाला के निरंतर प्रगति करने तथा अधिक से अधिक बच्चों के जीवन को संस्कार, संस्कृति और सद्भावना से आलोकित करने की कामना की गई। तत्पश्चात उपस्थित बच्चों एवं अतिथियों को श्रीफल भेंट कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

बाल संस्कार शाला के शुभारंभ से गायत्री शक्तिपीठ नवापारा में बच्चों के संस्कार निर्माण की दिशा में एक नई और सकारात्मक पहल की शुरुआत हुई है।

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