RTE शुल्क प्रतिपूर्ति में लापरवाही पर सख्ती, 17 अगस्त तक सभी दावों के अनुमोदन के निर्देश
छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़नवा रायपुर, —- लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत अशासकीय निजी विद्यालयों के शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुल्क प्रतिपूर्ति दावों के अनुमोदन में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, नोडल प्राचार्यों एवं निजी विद्यालयों को निर्देश जारी करते हुए 17 अगस्त 2026 तक लंबित दावों के अनुमोदन की प्रक्रिया हर हाल में पूरी करने को कहा है।
जारी आदेश के अनुसार, पोर्टल पर बड़ी संख्या में निजी विद्यालयों के शुल्क प्रतिपूर्ति दावे अभी तक लंबित हैं। कई विद्यालयों ने दावा प्रस्तुत नहीं किया है, जबकि अनेक मामलों में नोडल अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर अनुमोदन लंबित है। इसके कारण विद्यालयों को अब तक शुल्क प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं हो सका है।
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि 7 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक पोर्टल अनुमोदन कार्य के लिए खोला जा रहा है। इस अवधि में सभी लंबित दावों का परीक्षण एवं अनुमोदन सुनिश्चित किया जाए। यदि निर्धारित समयसीमा के बाद भी किसी विद्यालय का दावा लंबित रहता है और भुगतान नहीं हो पाता, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। यह निर्देश उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी किया गया है। �




