रामनवमी पर बड़ी सौगात: 45 साल बाद राम जानकी मंदिर की दान भूमि हुई वापस

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़नवापारा राजिम। रामनवमी के पावन अवसर पर ग्राम निमोरा स्थित श्री राम जानकी मंदिर एवं समस्त ग्रामवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लगभग 45 वर्ष पूर्व श्रीमती अगरौतिन साहू द्वारा मंदिर को दान में दी गई भूमि, जो विवादों में घिर गई थी, अब माननीय कमिश्नर रायपुर के आदेश से पुनः मंदिर समिति को वापस मिल गई है।
जानकारी के अनुसार, उक्त भूमि को दौलत राम साहू एवं गादूराम साहू द्वारा कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अपने नाम पर नामांतरण करा लिया गया था। इसको लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। हाल ही में ग्राम निमोरा के ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था और मंदिर की दान भूमि वापस दिलाने की मांग की थी।
रामनवमी जैसे शुभ अवसर पर आए इस निर्णय से पूरे गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु इसे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद मान रहे हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष डी.सी. प्रसाद साहू एवं सचिव मोजी राम देवांगन ने इस फैसले को न्याय और आस्था की जीत बताते हुए कहा कि यह ग्रामवासियों की एकता और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने माननीय कमिश्नर रायपुर एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखा गया। शासन के प्रति आभार व्यक्त करने वालों में डी.सी. प्रसाद साहू, मोजी राम देवांगन, काशीराम साहू, पुंतु राम साहू, किशोर कुमार साहू, तुलेश साहू, रामेश्वर साहू, भोलाराम देवांगन, चुरामन वर्मा, कुमार साहू, रवि साहू, तोसू देवांगन, सारिका गोवर्धन साहू, मनमोहन कोशले, एजू राम साहू, हीरालाल साहू, बंधु राम साहू, तेजराम साहू, अनुज राम साहू, घुरुवा राम साहू, भाऊ लाल साहू, खिलेश्वर साहू, रामरतन साहू, पवन बारले, होरी कुर्रे, रिखी साहू, शिवनंदन साहू, विष्णु साहू, देवानंद देवांगन, कौशल बरछिया, योगेश साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
ग्रामवासियों ने इस निर्णय को धर्म, आस्था और न्याय की जीत बताते हुए प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया




