हनुमंत धाम में भव्य जलपान सेवा, 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
राजिम की धार्मिक महिमा का किया उल्लेख

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ — “सब कुछ लहे तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना…” जैसे भक्तिमय भावों के बीच शहर के थाना पारा स्थित हनुमंत धाम मंदिर में इस वर्ष भी प्रतिवर्षानुसार श्री हरिहर सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में भव्य जलपान सेवा का आयोजन किया गया।
इस सेवा कार्य के तहत सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक निरंतर प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें लगभग 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में पूरे समय भक्तों की भारी भीड़ और सेवा भाव का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का संचालन समिति के सदस्यों द्वारा सुव्यवस्थित रूप से किया गया।
इस अवसर पर समिति संचालक मिथलेश श्रीवास, अध्यक्ष भोला साहू, उपाध्यक्ष तोषण देवगण, मीडिया प्रभारी पिंटू भैया, संरक्षक अजय साहू, कोषाध्यक्ष शेरा जांगड़े, व्यवस्था प्रमुख देवेंद्र जायसवाल, सचिव तुषार देवगण सहित विवेक दुबे, संजय पाल, सुनील सेन, ऋषि दुबे, तुषार निर्मलकर और नवीन राजा आदि सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का संकल्
समिति के सलाहकार पंडित विवेक दुबे ने बताया कि श्री हरिहर सेवा ट्रस्ट निरंतर जनहित के कार्यों में सक्रिय है। समिति का उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता करना, किसी के आंसू पोंछना और जरूरतमंदों को भोजन कराना है। उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” के सिद्धांत पर चलना ही सच्ची ईश्वर भक्ति है।
उन्होंने यह भी बताया कि समिति द्वारा गौ सेवा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर घूमने वाली गायों को घास एवं हरा चारा खिलाने का अभियान भी चलाया गया, जिसे स्थानीय लोगों ने सराहा। समिति का लक्ष्य इन सेवा कार्यों को आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी विस्तार देना है।
राजिम की धार्मिक महिमा का किया उल्लेख
समिति संचालक मिथलेश श्रीवास ने कहा कि राजिम, भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव की पावन नगरी है, जिसे विश्वभर में एक अद्वितीय और पतित-पावन धाम के रूप में जाना जाता है। उन्होंने बताया कि यह सेवा कार्य भले ही छोटा प्रयास हो, लेकिन इसका उद्देश्य समाज में सेवा और भक्ति की भावना को सशक्त करना है।
इस मौके पर हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा महाआरती का आयोजन हुआ। “जय हनुमान” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया



