सरदार पटेल जयंती पर पुलिस का जन-जागरूकता पखवाड़ा संपन्न, सेजेस राजिम में विद्यार्थियों को मिला कानून, साइबर सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश


छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़राजिम-— लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा आयोजित जन-जागरूकता पखवाड़ा के तहत शासकीय पंडित राम विशाल पांडे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस) राजिम में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के व्याख्याता एवं एनसीसी अधिकारी सागर शर्मा के नेतृत्व में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में राजिम थाना की एसआई सरोज चवरे, प्रशिक्षु एसआई दिव्या पैकरा तथा आरक्षक रवि सिदार उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नए कानूनों की जानकारी देते हुए साइबर फ्रॉड से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखने के महत्वपूर्ण उपाय बताए।
महिला सुरक्षा पर विशेष सत्र में बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी गई। साथ ही आपातकालीन सेवाओं 112 तथा 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) के उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव और ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से पुलिस से जुड़ने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ अभियान के तहत विद्यालय परिसर में वृहद वृक्षारोपण किया गया। पुलिस टीम, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने आम, नीम, जामुन, काजू और गुलमोहर सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधे लगाए। इस अभियान में मिशन लाइफ यूथ एंड इको क्लब का विशेष सहयोग रहा। अतिथियों ने विद्यार्थियों से पौधों की नियमित देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य बी. एल. ध्रुव, व्याख्याता संतोष सूर्यवंशी, कमल सोनकर, समीक्षा गायकवाड़, गोपाल देवांगन, शिक्षिका शिखा महाड़ीक, अंजू मार्कण्डेय सहित विद्यालय परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में प्राचार्य बी. एल. ध्रुव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय परिवार ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में कानून के प्रति सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी, डिजिटल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




