गांव की सुख-समृद्धि, निरोगी जीवन और अच्छी फसल की कामना के साथ ग्रामीणों ने की पूजा-अर्चना
सात सप्ताह के इतवारी तिहार के बाद धूमधाम से हुई खार पूजा

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ नवापारा राजिम-– सात सप्ताह से चल रहे पारंपरिक इतवारी तिहार का विधि-विधान के साथ समापन हुआ। इसके बाद रविवार को गांव में पारंपरिक खार पूजा का आयोजन किया गया। पूजा के दौरान कथा एवं विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसमें गांव के बुजुर्गों, पंच-सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं में खार पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। ग्रामीण मान्यता के अनुसार इस पूजा के माध्यम से ग्राम देवी-देवताओं की आराधना कर गांव में सुख-समृद्धि, खुशहाली, निरोगी जीवन और खेतों में अच्छी फसल की कामना की जाती है। इसी आस्था के साथ ग्राम बकली में भी विधि-विधान से पूजा-पाठ एवं कथा का आयोजन किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि खार पूजा की परंपरा गांव में लंबे समय से चली आ रही है। यह पूजा गांव की सुख-समृद्धि, निरोगी जीवन और अच्छी फसल की कामना से जुड़ी पारंपरिक धार्मिक मान्यता का हिस्सा है। मान्यता है कि पूजा-अर्चना से गांव और फसल की बीमारी एवं विपरीत परिस्थितियों से रक्षा होती है तथा ग्रामीणों के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि इतवारी तिहार किसानों की आस्था और लोक संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। खार पूजा के बाद सोमवार को गांव में गणेश पूजा का आयोजन किया जाएगा तथा बाल बांधने की परंपरा भी निभाई जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण नई फसल की तैयारी में जुट जाएंगे। इस प्रकार धार्मिक आस्था और कृषि परंपरा के साथ गांव में पर्व का समापन हुआ।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में ग्रामीण अध्यक्ष इंद्रमण तारक, संजय साहू, सरपंच प्रतिनिधि हिराधर साहू, उपसरपंच प्रतिनिधि खेमचंद मिरी, पूर्व सरपंच मुन्ना कुर्रे, शोभित बंजारे, जीतराम मिरी, ईश्वर टंडन, प्रमोद साहू, यादराम घृतलहरे, चंद्रप्रकाश सेन, सिलोचन साहू, श्यामाचरण साहू महाराज सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।




