हरियाली अमावस्या पर सामूहिक श्राद्ध-तर्पण एवं पिंडदान का आयोजन श्री नारायण गुरु सेवा संस्थान के भाई-बहनों ने पितरों का किया स्मरण, 3 कुंडीय गायत्री यज्ञ में दी आहुतियां


छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ नवापारा—- हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ नवापारा में श्री नारायण गुरु सेवा संस्थान के भाई-बहनों द्वारा सामूहिक श्राद्ध-तर्पण एवं पिंडदान कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और आस्था के साथ किया गया। इस अवसर पर 3 कुंडीय गायत्री यज्ञ का भी आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए उनकी आत्मशांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना एवं सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इसके बाद गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में विधि-विधानपूर्वक श्राद्ध-तर्पण एवं पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। वेदमंत्रों के उच्चारण के बीच श्रद्धालुओं ने अपने पितरों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने पितरों की आत्मशांति एवं परिवार में सुख-शांति की कामना करते हुए तर्पण और पिंडदान किया।
मिशन के कार्यकर्ता श्री श्रीवास्तव जी ने कहा कि श्राद्ध-तर्पण केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि हमारी परंपराओं में पितरों के प्रति सम्मान और स्मरण का विशेष महत्व है।
वहीं श्री नारायण गुरु सेवा संस्थान के वरिष्ठ सदस्य श्री शशि कुमार जी ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान हमारी परंपराओं और संस्कारों को जीवित रखने का कार्य करते हैं। श्राद्ध का अर्थ ही श्रद्धा से किया गया कर्म है, जिसके माध्यम से हम अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना है।
3 कुंडीय गायत्री यज्ञ में दी आहुतियां
श्राद्ध-तर्पण एवं पिंडदान के पश्चात 3 कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने वेदमंत्रों के साथ आहुतियां अर्पित कीं तथा पूर्वजों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान विशेष रूप से महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियां प्रदान की गईं।
यज्ञ के पश्चात सामूहिक शांतिपाठ किया गया और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन में श्री नारायण गुरु सेवा संस्थान के सदस्यों, गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
हरियाली अमावस्या के अवसर पर आयोजित यह सामूहिक श्राद्ध-तर्पण एवं पिंडदान कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कार और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का संदेश देते हुए संपन्न हुआ।




