पुल-पुलिया के अभाव में जान जोखिम में डाल नदी पार कर रहे ग्रामीण, बाइक पार कराने दे रहे 100 रुपये
बारिश शुरू होते ही नगरी वनांचल में जनजीवन अस्त-व्यस्त

छत्तीसगढ़ प्रयागराज न्यूज़ नवापारा राजिम ग्रामीण क्षेत्र के वनांचल गांवों में बारिश शुरू होते ही ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुल-पुलिया, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को नदी-नालों को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए भी उन्हें उफनती नदियों से होकर गुजरना पड़ता है।
वही नगरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत लटियारा में हाल ही में नदी में बाढ़ आने पर एक बीमार व्यक्ति को ग्रामीणों ने घाट पर बैठाकर नदी पार कराया, जिसके बाद उसका इलाज हो सका। वहीं टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बसे ग्रामीण भी लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में सड़कें दलदल में तब्दील हो जाती हैं और नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं।
रिसगांव से ब्लॉक मुख्यालय जाने वाले मार्ग पर सोढूर नदी में पुल नहीं होने के कारण ग्रामीण दो से तीन फीट पानी में बाइक पार कराते हैं। इसके लिए करीब 100 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। बाढ़ अधिक होने पर करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए गरियाबंद जिले से होकर लगभग 80 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है।
जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष मनोज साक्षी ने शासन-प्रशासन से वनांचल क्षेत्र में पुल-पुलिया, रपटा, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है।
आमाकड़ा नदी में फंसा ट्रैक्टर
रिसगांव मार्ग पर रविवार को संदबहारा का किसान ट्रैक्टर लेकर आमाकड़ा नदी से गुजर रहा था। ट्रैक्टर नदी में धंस गया। किसान ने सुबह से शाम तक उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली और उसे वापस गांव लौटना पड़ा।




